Description
संदर्भ ग्रंथ : भैषज्यरत्नावली
यह घृत लोकहित के लिए अश्विनीकुमारों द्वारा निर्मित माना गया है। इसका उपयोग नस्य, स्नेहपान तथा अभ्यंग के रूप में किया जाता है और यह विशेष रूप से त्वचा की देखभाल के लिए प्रसिद्ध है।
कुमकुमादि घृत में उपयोग की गई सामग्री:
केसर, हल्दी, दारु हल्दी, छोटी पीपल, गौ घृत।
कुमकुमादि घृत के फायदे:
- चेहरे की त्वचा को चमकदार और सुंदर बनाता है
- झाइयों, मुंहासों और त्वचा संक्रमण में लाभकारी
- डार्क सर्कल और काले धब्बों को कम करने में सहायक
- विभिन्न त्वचा रोगों में उपयोगी
- कफ संबंधी सिर के रोगों में लाभकारी
कुमकुमादि घृत के उपयोग की विधि:
- चेहरे पर हल्के हाथ से मसाज करें
नोंध: खाने के लिए वर्जित है, वैद्य की सलाह अनुसार उपयोग करें।
समाप्ति अवधि: १ वर्ष





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