Description
संदर्भ: भैषज्यरत्नावली
चांगेरी घृत में उपयोग की गयी सामग्री:
चांगेरी, हाऊबेर, खट्टा दही, सौंठ, यवक्षार, गौघृत।
चांगेरी घृत के फायदे:
- गुदाभ्रंश (Rectal prolapse) में लाभकारी
- योनिभ्रंश में उपयोगी
- महिलाओं के पेडू पर लगाने से ऋतुचक्र संबंधित समस्याओं में सहायक
- नए रोगों में त्वरित लाभ प्रदान करता है
- गुदाभ्रंश में अवगाह स्वेद के साथ उपयोग करने पर विशेष लाभकारी
चांगेरी घृत के उपयोग की विधि:
- महिलाओं के पेडू पर बाह्य रूप से लगाएं
- दिन में 1 बार 5–10 ग्राम भोजन के बाद या भोजन के साथ सेवन करें
नोंध: वैद्य की सलाह अनुसार उपयोग करें।
समाप्ति अवधि: १ वर्ष





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