Description
पंचतिक्त घृत सर्वप्रकार के कुष्ठ, वात, पित्त और कफ रोगों में सहायक प्रभावशाली आयुर्वेदिक घृत है।
संदर्भ ग्रंथ: रसरत्नाकर
पंचतिक्त घृत में उपयोग की गयी सामग्री:
गाय का घी, नीम की छाल, पटोल, कटेरी, गिलोय, अड़ूसे की छाल, त्रिफला
पंचतिक्त घृत के फायदे:
- सर्वप्रकार के कुष्ठ रोग और दुष्टव्रण में लाभकारी
- ८० प्रकार के वात रोग, ४० प्रकार के पित्त रोग और २० प्रकार के कफ रोग दूर करता है
- कृमि, बवासीर, खाँसी, कोढ़, भगन्दर और नासूर में सहायक
- रक्तसंबंधी रोगों और विकारों को दूर करने में उपयोगी
पंचतिक्त घृत के उपयोग की विधि:
- सुबह और शाम 5–10 ग्राम गरम दूध या पानी के साथ सेवन करें
नोंध: वैद्य की सलाह अनुसार उपयोग करें।
समाप्ति अवधि: १ वर्ष





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