Description
वचा घृत पुराने गंडमाला रोग और श्वास, खाँसी, प्रतिश्याय, गल-गंड एवं मुखरोग में लाभकारी आयुर्वेदिक घृत है।
संदर्भ: रसरत्नाकर
वचा घृत में उपयोग की गयी सामग्री:
गाय का घी, वचा, कचृर, हल्दी, दारूहल्दी, देवदारू, इन्द्रजव, नागरमोथा, हरड़, सौंठ, जल, शेष, पृर्वोत्त्क, शहत, त्रिकुटे का चूर्ण
वचा घृत के फायदे:
- पुराने गंडमाला रोग में सहायक
- खाँसी और श्वास रोगों में लाभकारी
- प्रतिश्याय, गल-गंड और मुखरोग में उपयोगी
वचा घृत के उपयोग की विधि:
- भोजन के साथ १ चम्मच गरम पानी के साथ सेवन करें
नोंध: शरीर के बल, समय और सहनशक्ति के अनुसार वैद्य की सलाह अनुसार लेना चाहिए।
समाप्ति अवधि: १ वर्ष





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