Description
यष्टिमधु घृत आंतों के विकार, अंदरूनी घाव और रक्तस्राव में सहायक आयुर्वेदिक घृत है।
संदर्भ: अष्टांग हृदयम् चिकित्सा स्थान
यष्टिमधु घृत में उपयोग की गयी सामग्री:
गौ घृत और यष्टिमधु का क्वाथ
यष्टिमधु घृत के फायदे:
- आंतों और मलमार्ग (गुदामार्ग) के विकारों में सहायक
- अंदर से होने वाले रक्तस्राव में लाभकारी
- अंदरूनी छाले और घाव भरने में उपयोगी
यष्टिमधु घृत के उपयोग की विधि:
- सुबह और शाम 10–20 ग्राम तक सेवन करें
नोंध: वैद्य की सलाह अनुसार उपयोग करें।
समाप्ति अवधि: १ साल





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