Description
श्लोक बुक नाम :- रसरत्नाकर
श्लोक नंबर :- २७
श्री गीर गोरस ब्रह्मी घृत एक प्रभावी आयुर्वेदिक घृत है, जिसमें ब्रह्मी और अन्य औषधियों के गुण समाहित हैं। यह विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य, स्मरण शक्ति और मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है।
यह घृत मानसिक रोग, स्मरण शक्ति की कमी तथा मस्तिष्क संबंधी विकारों में लाभकारी है और मन को शांत, मजबूत एवं रोगमुक्त बनाने में सहायता करता है।
ब्रह्मी घृत में उपयोग की गई सामग्री:
ब्रह्मीका रस, ब्रह्मी, जवासा, कूठ, शंखपुष्पी, गाय का घृत
ब्रह्मी घृत के फायदे:
- मस्तिष्क को मजबूत और सक्रिय बनाता है
- स्मरण शक्ति (Memory) बढ़ाने में सहायक
- मानसिक तनाव, विकार और उन्माद में लाभकारी
- अपस्मार (मिर्गी) जैसे रोगों में सहायक
- मन को शांत और स्थिर करता है
- बालों को समय से पहले सफेद होने से बचाता है
- नस्य के रूप में उपयोग करने पर बालों के लिए लाभकारी
ब्रह्मी घृत के उपयोग की विधि:
- सुबह और शाम 1 चम्मच सेवन करें
- गुनगुने गाय के दूध के साथ लेना अधिक लाभकारी है
खास नोंध:
- वैद्य की सलाह अनुसार सेवन करना उत्तम है
Packaging Size: 100 ग्राम
समाप्ति अवधि: १ वर्ष





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