Description
त्रिफला नस्य
संदर्भ: शारंगधर संहिता मध्यम खंड
त्रिफला नस्य में उपयोग की गयी सामग्री:
हरड़े, बहेड़ा, आँवला, अरडूसी का रस, भांगरा का रस, बकरी का दूध, लिंडी पीपर, द्राक्ष, सफ़ेद सुखड़, सिंधव, बलदाना, क्षीरकाकोली, काली मिर्च, सौंठ, शक्कर, सफ़ेद कमल, साटोडी, हल्दी, जेष्ठीमध, पुनर्नवा, कंकोली
त्रिफला नस्य के फायदे:
- त्रिफला नस्य आँखों की रोशनी बढ़ाने और दृष्टि सुधारने में सहायक है।
- आँखों का अंधापन, तिमिर रोग और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं में उपयोगी माना जाता है।
- आँखों में जलन, खुजली, पानी आना और अन्य नेत्र रोगों में लाभकारी है।
- नेत्र पटल को स्वस्थ रखने और आँखों की रक्षा करने में सहायक है।
त्रिफला नस्य के उपयोग की विधि:
रात को सोते समय २-२ बूंद नाक में और १ बूंद नाभि में डालें।
समाप्ति अवधि: 1 वर्ष


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