Description
अशोक घृत एक प्रभावी आयुर्वेदिक घृत है, जो महिलाओं के स्वास्थ्य, गर्भाशय की मजबूती और विभिन्न स्त्री रोगों में लाभकारी माना जाता है। यह शरीर में संतुलन बनाकर प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य सुधारने में सहायक है।
संदर्भ: रसरत्नाकर
अशोक घृत में उपयोग की गयी सामग्री:
अशोक की छाल, गव्य घृत, जीरे का क्वाथ, चावल का पानी, बकरी का दूध, भांगरे का रस, जीवक, ऋषभक, मेद, महामेद, काकोली, क्षीरकाकोली, मुद्गपर्णी, माषपर्णी, जीवन्ति, मुलेठी, चिरौंजी, फालसा, रसौत।
अशोक घृत के फायदे:
- स्त्री रोगों में विशेष लाभकारी
- गर्भाशय को मजबूती प्रदान करता है
- प्रदर (रक्त, श्वेत, पीला आदि) में उपयोगी
- रक्तस्राव संबंधी विकारों में सहायक
- पित्त और वात दोष को संतुलित करता है
- शरीर में शीतलता और संतुलन बनाए रखता है
अशोक घृत के उपयोग की विधि:
- आधा से एक छोटी चम्मच मिश्री के साथ लें
- या 5–10 ग्राम गुनगुने दूध के साथ सुबह-शाम सेवन करें
- उत्तम परिणामों के लिए 1–2 महीने तक नियमित सेवन करें
विशेष नोंध: चिकित्सक के परामर्श अनुसार मात्रा समायोजित करें।
समाप्ति अवधि: १ वर्ष





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