Description
द्राक्षादि घृत एक शीतल, पित्तशामक आयुर्वेदिक घृत है, जो अम्लपित्त (एसिडिटी) को शांत करने और पाचन तंत्र को संतुलित रखने में सहायक है। यह शरीर को शांति और पोषण प्रदान करता है।
संदर्भ: योगरत्नाकर
द्राक्षादि घृत में उपयोग की गयी सामग्री:
मुनक्का, हरड़, इन्द्रयव, परवल का पत्ता, खस, आंवला, यव, रक्तचंदन, त्रायमाणा, पद्मकाठ, चिरायता तथा धनिया।
द्राक्षादि घृत के फायदे:
- अम्लपित्त (एसिडिटी) को शांत करने में सहायक
- पित्त दोष को संतुलित करता है
- पाचन तंत्र को शीतल और संतुलित बनाता है
- शरीर में शांति और पोषण प्रदान करता है
- सभी अवस्थाओं में अमृत के समान लाभकारी
द्राक्षादि घृत के उपयोग की विधि:
- भोजन के साथ 5–10 ग्राम की उचित मात्रा में सेवन करें
नोंध: वैद्य की सलाह अनुसार सेवन करें।
समाप्ति अवधि: १ वर्ष





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