Description
दूर्वाद्य घृत एक प्रभावी आयुर्वेदिक घृत है, जो शरीर में होने वाले विभिन्न प्रकार के रक्तस्राव (ब्लीडिंग) को नियंत्रित करने और पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक है। यह शरीर को शीतलता और स्थिरता प्रदान करता है।
संदर्भ: सहस्त्र योग
दूर्वाद्य घृत में उपयोग की गयी सामग्री:
दूर्वा स्वरस, उत्पल, किंजल्क, मंजिष्ठा, एलवालुक, सिता, उशीर, मुस्ता, चंदन, पद्मक, चावल का पानी।
दूर्वाद्य घृत के फायदे:
- विभिन्न प्रकार के रक्तस्राव (नाक, आंख, कान, गुद आदि) में सहायक
- वमन (उल्टी) में रक्त आने की स्थिति में लाभकारी
- पित्त दोष को शांत कर शरीर को शीतल बनाता है
- रक्तस्राव संबंधित विकारों में उपयोगी
दूर्वाद्य घृत के उपयोग की विधि:
- सुबह और शाम भोजन से पहले 5–10 ग्राम सेवन करें
- आवश्यकतानुसार नस्य, कान या प्रभावित स्थान पर भी उपयोग किया जा सकता है
नोंध: वैद्य की सलाह अनुसार उपयोग करें।
समाप्ति अवधि: १ वर्ष





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