Description
नारायण घृत अम्लपित्त, दाह और शर्दी-वमन रोगों को निवारण करने वाला प्रभावशाली घृत है।
संदर्भ: भैषज्यरत्नावली
नारायण घृत में उपयोग की गयी सामग्री:
गौघृत, छोटी पिप्पली, जल, गुडुची, आँवला, मुनक्का, पटोलपत्र, सौंठ, कुटकी, वचा
नारायण घृत के फायदे:
- अम्लपित्त और पेट की जलन (दाह) में सहायक
- शर्दी और वमन रोगों का निवारण करता है
नारायण घृत के उपयोग की विधि:
- सुबह और शाम 10 ग्राम गरम दूध या पानी के साथ सेवन करें
नोंध: वैद्य की सलाह अनुसार उपयोग करें।
समाप्ति अवधि: १ वर्ष





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